




पत्तों पर नमी की उपस्तिथि में स्पोराएंजिया ज़ूस्पोर्स को आज़ाद कर देता है।

पत्तो पर पड़ें पानी में ये ज़ूस्पोर्स कुछ वक्त के लिए फ्लॉजेला की मदद से तैरते हैं। फिर थोड़ी देर बाद वह एक जगह पर स्थिर हो जाते हैं

एक इन्फेक्शन ट्यूब पैदा करते हैं जो स्टोमेटा में प्रवेश करके पत्तो को संक्रमित करता है।

एक बार जो फफूंद अपने आपको पत्तों में स्थापित कर देता है, उसके बाद वह भारी संख्या में स्पोराएंजेस स्पोर्स पैदा करता है। जो की स्टोमेटा के ज़रिये उबरते है और ये धीरे धीरे फफूंद बनजाते है जो की फसल को बर्बाद कर देते है।






80 मिली प्रति एकड़










असर अनोखा, बेजोड़ सुरक्षा